दिल्ली एम्स में आग से भारी नुकसान, इमरजेंसी वार्ड बंद, कोई हताहत नहीं

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नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के टीचिंग ब्लॉक में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लपटें और धुआं देखकर मरीजों और उनके तीमारदारों में भगदड़ मच गई। धुआं भर जाने के कारण दूसरी मंजिल पर स्थित इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया। दूसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के बाद एसी का कम्प्रेशर फटने से लगी आग देर रात तक चौथी और पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। प्रशासन ने एहतियातन टीचिंग ब्लॉक, इमरजेंसी ब्लॉक व जनरल वार्ड की बिजली काटी दी। यहां के मरीजों को आरपी सेंटर, कार्डियक न्यूरो सेंटर सहित एम्स के अन्य सेंटरों में भेज दिया गया। बिजली काटने से कुछ हिस्सों में अंधेरा हो गया और वहां अफरातफरी मच गई। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद तीन दर्जन दमकल वाहनों की मदद से रात 11 बजे के बाद ही इस पर काबू पाया जा सका। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एम्स की ओर से मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26593308 जारी किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम 4.50 बजे टीचिंग ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर माइक्रोबायलोजी विभाग में शार्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते इसकी चपेट में पहली और तीसरी मंजिल भी आ गई। 35 दमकल वाहनों और करीब 40 कर्मचारियों ने करीब 1 घंटे 35 मिनट में पहली तीन मंजिल की आग पर काबू पा लिया, लेकिन थोड़ी ही देर में आग चौथी और पांचवीं मंजिल पर पहुंच गई। देर रात करीब 11 बजे चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगी आग पर काबू पाया जा सका। देर रात ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी हालात का जायजा लेने के लिए एम्स पहुंचे।
उधर, आग लगने के बाद आनन-फानन में भूतल पर बने इमरजेंसी वार्ड से मरीजों को बाहर निकाला गया। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग से करीब 32 मरीज निकाले गए। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा हुआ था। अस्पताल के कर्मचारी मेडिकल उपकरण लेकर नीचे आ गए। मरीजों का बाहर ही इलाज शुरू कर दिया। पास की इमारतों के मरीजों को दूसरी जगह भर्ती किया गया। बारिश के बावजूद कई मरीज बाहर स्ट्रेचर पर ही लेटे रहे। बाद में गंभीर हालत वाले मरीजों को सफदरजंग ले जाया गया।
फायर आफिसर डॉ. अतुल गर्ग ने बताया कि शुरुआत में दो दर्जन दमकलकर्मी और 22 वाहन पहुंचे थे, लेकिन बाद में 13 और वाहन तथा एक दर्जन कर्मचारियों को बुलाना पड़ा। शाम करीब 6.25 बजे तीन मंजिलों की आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन बाद में आग ऊपर की चौथी और पांचवीं मंजिल पर पहुंच गई। दिल्ली अग्निशमन विभाग के निदेशक विपिन केंतल ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी थी, उसके पिछले हिस्से में कुछ अस्थायी निर्माण था। वहां कुछ जनरेटर भी रखे थे। इस कारण दमकल वाहन आग बुझाने के लिए पिछले हिस्से तक नहीं पहुंच सके। इस हादसे में कसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस अग्निकांड में बड़ी संख्या में मरीजों की जांच रिपोर्ट और उनसे जुड़े रिकॉर्ड तथा ब्लड सैंपल नष्ट हो गए। ओपीडी में रखे कंप्यूटर और मरीजों से जुड़े कागजात भी जल गए। अगले कुछ दिनों तक संस्थान में मरीजों को रक्त जांच से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, लाखों मरीजों के इलाज से जुड़ी जानकारियों के अलावा शोध व प्रशासनिक दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी सांस लेने में तकलीफ के बाद नौ दिन से एम्स में भर्ती हैं। जिस ब्लॉक में आग लगी थी, उससे ठीक 200 मीटर दूर स्थित कार्डिएक न्यूरो सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। एम्स प्रबंधन ने बताया कि इस अग्निकांड का कार्डिएक न्यूरो सेंटर पर कोई असर नहीं पड़ा है। यहां किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।