पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की तबीयत बिगड़ी, एम्स में देखने पहुंचे पीएम, कई अन्य नेता भी पहुंचे

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नई दिल्ली : पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली (66) को शुक्रवार की सुबह घबराहट और बेचैनी की शिकायत के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने बताया कि उन्हें एम्स के कार्डियो न्यूरो सेंटर में भर्ती किया गया है, जहां एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है। इससे पूर्व इसी साल मई में भी उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
गौरतलब है कि पेशे से वकील अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार सरकार के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार उनका खराब स्वास्थ्य उन्हें राजनीति के मैदान से हट जाने के लिए मजबूर कर दिया। इसी कारण से उन्होंने वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
एम्स में भर्ती होने की जानकारी मिलने पर शुक्रवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनसे मिलने के लिए एम्स पहुंचे। इन दोनों ने वहां पहुंच कर अरुण जेटली का हाल जाना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी जेटली का हाल जानने के लिए एम्स में मौजूद थे। इन नेताओं के अलावा स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्‍विनी चौबे भी वहां मौजूद थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी जेटली को देखने के लिए एम्स गए थे। इनके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद गौतम गंभीर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, रविशंकर प्रसाद और सांसद मीनाक्षी लेखी भी अरुण जेटली का हाल-चाल जानने के लिए एम्स पहुंचे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव भी जेटली का हाल जानने के लिए एम्स गए थे। शुक्रवार देर शाम योग गुरु बाबा रामदेव भी जेटली का हाल जानने के लिए एम्स में मौजूद थे।
बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने पिछली मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय के साथ-साथ कुछ समय के लिए रक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली थी। अटल बिहारी सरकार में भी वह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। बीमारी की वजह से वह इस बार मोदी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए थे। बावजूद इसको वह मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए हुए रहते हैं। अक्सर वह प्रमुख मुद्दों पर ब्लॉग लिखकर या फिर ट्वीट कर अपनी राय जाहिर करते हैं।
बता दें कि अरुण जेटली लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। बीमारी की वजह से ही वह मोदी सरकार-2 में शामिल नहीं हुए थे। अरुण जेटली का 14 मई 2018 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन किया गया था। इसके लिए उन्होंने अप्रैल, 2018 की शुरुआत से ही मंत्रालय आना बंद कर दिया था। इस दौरान पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालते रहे थे। स्वास्थ्य लाभ के बाद 23 अगस्त, 2018 को उन्होंने वापस वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया था।
सितंबर 2014 में अरुण जेटली का बैरिएट्रिक ऑपरेशन हो चुका है। लंबे समय से मधुमेह के कारण वजन बढ़ने की समस्या के निदान के लिए यह ऑपरेशन किया गया था। यह ऑपरेशन पहले मैक्स हॉस्पीटल में हुआ था, लेकिन बाद में कुछ दिक्कतें आने के कारण उन्हें एम्स स्थानांतरित किया गया था। कुछ साल पहले उनके हृदय का भी ऑपरेशन हो चुका है।