धारा 370 हटने पर बौखलाया पाकिस्तान, भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेजा, द्विपक्षीय व्यापार भी खत्म

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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर पर भारत के नये रुख से पड़ोसी देश पाकिस्तान बुरी तरह नाराज है। उसने बुधवार को नई दिल्ली के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ देने की घोषणा की है। साथ ही भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी पाकिस्तान छोड़ देने का आदेश दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हम दिल्ली से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला रहे हैं और उनके उच्चायुक्त को यहां से भेज रहे हैं। हालांकि भारत ने पहले ही जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताकर उससे जुड़े मुद्दे को पूरी तरह अपना आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तान के विरोध को खारिज कर दिया है।
पाक विदेश कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बुधवार को हुई बैठक में भारत सरकार को पाकिस्तान से अपना उच्चायुक्त वापस बुला लेने का निर्णय किया गया है। हालांकि, इसके लिए कोई समय सीमा नहीं तय की गई है। बयान में कहा गया है कि भारत सरकार को सूचित किया गया है कि पाकिस्तान नई दिल्ली के लिए नामित अपने उच्चायुक्त को वहां नहीं भेजेगा।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाहट में है। इसको लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज बुधवार को इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की, जिसमें पाक की तरफ से कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाने का फैसला किया है। साथ ही भारत के साथ राजनयिक संबंधों के स्तर को भी कम करने का फैसला किया है। इन सबके अलावा पाकिस्तान ने यह धमकी भी दी है कि वह इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी ले जाएगा। इसके अलावा बैठक में फैसला हुआ है कि 14 अगस्त का दिन पाकिस्तान कश्मीरियों को समर्थन देने के तौर पर मनाएगा और 15 अगस्त को काला दिवस मनाएगा।
पाकिस्तान ने यह घोषणा प्रधानमंत्री इमरान खान की उस चेतावनी के बाद की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर पर भारत के उठाए गए कदम के ‘गंभीर नतीजे’ होंगे। मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद पुलवामा जैसे हमले की आशंका प्रकट करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध छिड़ सकता है।
संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने आगाह किया था कि यह ऐसा युद्ध होगा, जिसे कोई नहीं जीतेगा और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के भारत सरकार के फैसले के एक दिन बाद कश्मीर की स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी।
प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियार से संपन्न दोनों पड़ोसियों के बीच मौजूदा तनाव में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी विरोध करेंगे और भारत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को जम्मू-कश्मीर के हालातों की जानकारी देते हुए उनसे मदद की गुहार लगाई है। पाकिस्तानी और सऊदी मीडिया की तरफ से जारी खबरों के मुताबिक, दोनों ने मंगलवार को फोन पर वार्ता की। इस दौरान दोनों ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद क्षेत्र में उपजे हालातों पर चर्चा की। इसी दौरान इमरान ने सलमान को दोनों देशों के बीच तनाव के बारे में ‘संक्षिप्त’ जानकारी दी और पाकिस्तान की मदद करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले सभी प्रावधानों को हटाते हुए उसे दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया है।सरकार के इस कदम को संसद की मंजूरी भी मिल चुकी है।