आजम खां ने गिरफ्तारी के डर से कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी

0
95
रामपुर : भू-माफिया घोषित समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को अाजकल गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। इसी कारण आजम खां ने रामपुर जिला जज के यहां अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है।

इसके अलावा आजम खान ने एसडीएम कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जौहर यूनिवर्सिटी का गेट हटाने तथा 3.27 करोड़ जुर्माने देने के लिए कहा गया था।

गौरतलब है कि रामपुर के सपा सांसद आजम खान पर आलियागंज के किसानों की जमीन जबरन कब्जाने तथा उस जमीन को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन में मिलाने का आरोप है। इन मामलों में किसानों ने सपा सांसद आजम खां के खिलाफ 26 मुकदमे अजीमनगर थाने में दर्ज कराए हैं। इसके अलावा प्रशासन ने भी अपनी ओर से जमीन कब्जाने के मामलों को लेकर उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। अब पुलिस जौहर यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी तथा इन मामलों में आजम खां के साथ नामजद आले हसन की गिरफ्तारी के लिए भाग-दौड़ कर रही है। आले हसन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके जौहर यूनिवर्सिटी के आवास पर भी दबिश दे चुकी है।
उधर, अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को लेकर सपा सांसद परेशान हैं। उन्हें अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने रामपुर के जिला जज की अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों में अग्रिम जमानत के लिए उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। इसके अलावा इन मुकदमों में तत्कालीन अजीमनगर थाना प्रभारी कुशलवीर सिंह ने भी अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है। उन्होंने अपने अधिवक्ता खलील उल्लाह के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। अदालत इन पर आठ अगस्त को सुनवाई करेगी। इसके अलावा कुशलवीर सिंह के प्रार्थना पत्र पर अदालत छह अगस्त को सुनवाई करेगी।
इस बीच जौहर यूनिवर्सिटी से गेट हटाने और 3.27 करोड़ रुपये जुर्माने के एसडीएम कोर्ट के फैसले पर सेशन कोर्ट में सात अगस्त को सुनवाई होगी। तब तक एसडीएम कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी गई है। सपा शासनकाल में जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर लोक निर्माण विभाग ने सड़क का निर्माण किया था, जबकि इस सड़क पर आम लोगों को चलने की अनुमति नहीं थी। एसडीएम कोर्ट ने सड़क को लोक निर्माण विभाग की मानते हुए यहां बने जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट को 15 दिन के भीतर हटाने के आदेश जारी किए थे। इसके अलावा 3.27 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति के आदेश भी दिए थे। एसडीएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ भी अब जिला जज की कोर्ट में अपील दायर की गई है।