ये रिश्ता क्या कहलाता है?

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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार में ट्रक के टक्कर मार देने की घटना ने पिछले दो दिनों से यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है। रविवार को हुई इस ‘दुर्घटना’ के बाद से रेप के आरोप में जेल में बंद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एक बार फिर शक के घेरे में आ गया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी भी आरोपी विधायक को डिफेंड कर अपनी फजीहत कराने पर आमादा है। भारतीय जनता पार्टी के इस रुख से उसका कोर वोटर भी नाराज है। पार्टी का कोर वोटर यह समझ नहीं पा रहा है कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक इस मामले पर चुप क्यों है? आखिर इतनी फजीहत झेलकर कुलदीप सिंह सेंगर को क्यों डिफेंड कर रही है भाजपा। ट्रक से टक्कर मार देने के मामले में रायबरेली पुलिस ने भले ही विधायक कुलदीप सेंगर समेत दस लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, बावजूद इसके भाजपा का प्रदेश यूनिट आरोपी विधायक को बचाने में लगी रही। सोमवार को टीवी डिबेट में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं ने जिस तरह से कुलदीप सिंह सेंगर को डिफेंड किया है, उससे तो यही साबित होता है कि दुष्कर्म के आरोपी विधायक से भारतीय जनता पार्टी का कुछ-न-कुछ रिश्ता तो जरूर है।
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद साक्षी महाराज ने भी जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर से मिलकर यह जरूर जता दिया कि भाजपा का आरोपी विधायक से कुछ-न-कुछ रिश्ता जरूर है।