बीजेपी विधायक कुलदीप समेत दस पर हत्‍या का केस, सीबीआई करेगी ‘दुर्घटना’ की जांच

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लखनऊ : रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार में सामने से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस तथाकथित दुर्घटना में दुष्कर्म पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि दुष्कर्म पीड़िता और उसके वकील की हालत गंभीर है। इस दुर्घटना को लोग शक की नजर से देख रहे हैं। मीडिया में काफी हो-हल्ला मचने तथा विरोधी दलों के तीखे हमलों के बाद दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की रिपोर्ट पर भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत दस लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कथित दुर्घटना की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटना में दोे महिलाओं की मौत की घटना ने पिछले दो दिनों से प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोमवार को दिनभर विपक्ष के तीखे हमले होते रहे। इसके बाद ही भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात के खिलाफ रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में 302 (हत्या), 307 (जानलेवा हमला), 506 (जान से मारने की धमकी) व 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। उधर, पिछले दो दिनों से अपनी फजीहत होते देख राज्य सरकार ने भी इस कथित ‘दुर्घटना’ को सीबीआई से जांच कराने का फैसला कर लिया है। गृह विभाग ने देर रात सीबीआई जांच की सिफारिश से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर उसे केंद्र सरकार को भेज दिया है।
सीबीआई माखी दुष्कर्म कांड में चार केस दर्ज कर जांच कर रही है। इनमें पीड़ित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट और पीड़िता के पिता को थाने में पीटने व झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने के मामले भी शामिल हैं। यदि केंद्र सरकार इस केस को भी सीबीआई को सुपुर्द करती है तो माखी दुष्कर्म कांड से संबंधित कुल पांच केस सीबीआई के पास दर्ज हो जाएंगे। सीबीआई पुराने चार मामलों में से तीन में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। बताया गया कि सामूहिक दुष्कर्म के केस में आरोपपत्र अभी दाखिल नहीं किया गया है। सीबीआई ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 13 अप्रैल 2018 को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है।
माखी दुष्कर्म कांड की पीड़िता के दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने और एक महिला गवाह की मौत हो जाने के बाद सीबीआई में भी खलबली मच गई है। दोपहर बाद सीबीआई लखनऊ की एक पांच सदस्यीय टीम ट्रॉमा सेंटर पहुंची। टीम ने पीड़िता की हालत का पता लगाने के साथ ही परिवार से भी कुछ जानकारियां जुटाई हैं। इसके बाद टीम ने दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय को सारा ब्योरा भेज दिया है। माखी दुष्कर्म कांड व उससे जुड़े अन्य केसों की जांच कर रही सीबीआई अब इस मामले से जुड़े तथ्यों की छानबीन में भी जुट गई है।
रायबरेली में हुए हादसे के बाद सोमवार सुबह से ही ट्रॉमा सेंटर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल पीड़ित किशोरी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचीं। स्वाति मालीवाल ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में कोताही बरते जाने को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। स्वाती मालीवाल दुष्कर्म पीड़िता व घायल वकील को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाकर उनका उच्चस्तरीय इलाज कराने की बात कही। विधायक सेंगर को अब तक भाजपा से निष्कासित न किये जाने का सवाल भी उठाया। स्वाती ने इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखा है।
प्रतापगढ़ की विधायक आराधना मिश्रा, रायबेरली विधायक अदिति सिंह, श्याम किशोर शुक्ला और शिव पांडेय के नेतृत्व कांग्रेसियों ने भी पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये। सपा की पूर्व प्रवक्ता जूही सिंह, पूर्व एमएलसी मधु गुप्ता, नाहिद लारी खान समेत अन्य सपा नेताओं ने भी ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर भाजपा को घेरा।
विपक्ष ने ट्रॉमा सेंटर में सरकार के किसी मंत्री अथवा वरिष्ठ अधिकारी के न पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाये। इसी बीच डैमेज कंट्रोल के लिए महिला कल्याण मंत्री स्वाती सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और पीड़िता, घायल वकील व उनके परिवार का हाल लिया। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया।
सोमवार दोपहर एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने लोक भवन में मीडिया से अब तक की गई कार्रवाई साझा की। एडीजी ने बताया कि जिस ट्रक ने पीड़िता की कार में टक्कर मारी थी, उसके मालिक, चालक व क्लीनर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ट्रक व कार में आमने-सामने की भिड़ंत हुई थी। पीड़िता के साथ सुरक्षाकर्मी किन परिस्थितियों में साथ नहीं गए थे, इसकी विस्तृत जांच एसपी उन्नाव कर रहे हैं। हादसे के पीछे किसी षड्यंत्र की आशंका को देखते हुए पुलिस ट्रक मालिक, चालक, क्लीनर के अलावा विधायक कुलदीप सेंगर के कई करीबियों के नंबरों की कॉल डिटेल की छानबीन कर रही है। फोरेंसिक साइंस लैब की टीम भी घटनास्थल का परीक्षण कर रही है। उसकी रिपोर्ट आने पर कई चीजें स्वत: स्पष्ट हो जाएगी। सकेंगी।
डीएम नेहा शर्मा और पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने जेल में पहुंचकर दुष्कर्म पीड़िता के चाचा से पूछताछ की। वहीं लखनऊ से आई तीन सदस्यीय फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। सड़क पर मिले टायरों के निशान, गाड़ियों पर मिला पेंट आदि साक्ष्य के रूप में संकलित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है।