गोवंश की मौत पर योगी आदित्यनाथ नाराज, सीवीओ समेत आठ निलंबित

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के अयोध्या, मीरजापुर, प्रयागराज, सुलतानपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में स्थित गोशालाओं में गोवंश की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने मीरजापुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी समेत आठ अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। वहीं दो जिलाधिकारियों समेत तीन को नोटिस थमाया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर दोषी के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मीरजापुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. एके सिंह, प्रभारी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मुकेश कुमार, नगर अभियंता रामजी उपाध्याय को निलंबित करने के साथ ही वहां के जिलाधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है। इसी क्रम मेें अयोध्या के कांजी हाउस प्रभारी डॉ. उपेंद्र कुमार व डॉ. विजेंद्र कुमार, मिल्कीपुर के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, क्षेत्रीय विकास अधिकारी बीडीओ व ग्राम पंचायत अधिकारी पालिया माफी मिल्कीपुर को भी निलंबित करने का आदेश दिया गया है। अयोध्या के जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भी नोटिस दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सुलतानपुर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ निराश्रित गोवंश के रखरखाव, चारा व स्वास्थ्य परीक्षण आदि के लिए मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। प्रयागराज में बिजली गिरने से हुई निराश्रित गोवंश की मौत के सभी पहलुओं की जांच करके संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का मंडलायुक्त को निर्देश दिया। लखनऊ में विभिन्न क्षेत्रों व प्रमुख मार्गों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को आश्रय स्थलों में पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने आवास विकास परिषद, लखनऊ नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण को इसके लिए मिलकर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गोआश्रय स्थलों के संचालन की संयुक्त जिम्मेदारी जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंपते हुए उन्हें चारा, टीकाकरण व शेड निर्माण का समुचित बंदोबस्त करने को कहा है। विद्यालयों में गोवंश रखने की शिकायत मिलने पर ग्राम प्रधान, पंचायत अधिकारी व संबंधित पशुपालक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने उन पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है, जो गायों का दूध दूहकर उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाने और दंड देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण कराने के साथ निराश्रित गोवंश का भरण-पोषण करने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध धनराशि का सदुपयोग करने को कहा। प्रति निराश्रित पशु के लिए 30 रुपये प्रतिदिन की दर से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश देने के साथ इस रकम का दुरुपयोग न करने की हिदायत दी। सीएम ने कहा कि वर्षा व अन्य कारणों से जलभराव होने की स्थिति में निराश्रित पश़ुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और उनके चारा, पानी, छाया व दवाओं का समुचित प्रबंध किए जाए। बीमार व बूढ़े हो गए पशुओं को कम उम्र व मादा पशुओं से अलग रखने की व्यवस्था की जाए। भूसे के साथ हरा चारा व चोकर आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।