कर्नाटक में उठापटक तेज, एक और कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा

0
103
बंगलुरु : कर्नाटक कांग्रेस का संकट दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफा दे चुके कांग्रेस के दस बागी विधायकों का मामला हल भी नहीं हुआ था कि एक और कांग्रेस विधायक ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया। इससे पहले जेडीएस के तीन और दो निर्दलीय विधायक भी इस्तीफा दे चुके हैं। इससे कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई है। उधर, विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार भी कर्नाटक सरकार को बचाने के लिए हर संभव दांव आजमा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत वे अभी तक उन विधायकों का इस्तीफा नहीं स्वीकार रहे हैं, जिन्होंने अपना इस्तीफा उनसे मिलकर नहीं दिया है। उनका कहना है कि इस्तीफा देने वाले विधायक उनसे मिलकर ही इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि जिस भी विधायक को इस्तीफा देना होगा, उन्हें मेरे पास आना ही होगा। अगर पोस्टल सर्विस से ही इस्तीफे मंजूर होंगे, तो यहां पर मेरा क्या काम है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई समय की पाबंदी नहीं है। मैं नियमों के अनुसार ही फैसला लूंगा।
इस बीच बंगलूरू में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। बताया जा रहा है कि 21 कांग्रेस विधायक इस बैठक से गायब रहे। हालांकि कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने 10 विधायकों के बैठक में नहीं आने की बात स्वीकार की है। वही अब रोशन बेग ने भी अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कांग्रेस उन्हें पहले ही पार्टी से निलंबित कर चुकी है।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक में जारी संकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने भाजपा पर सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।सिद्धारमैया ने कहा है, “सरकारों को अस्थिर करने की भाजपा की आदत हो गई है। यह अलोकतांत्रिक है। लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया है। लोगों ने हमें अधिक वोट दिए हैं। कांग्रेस और जेडीएस दोनों को एक साथ 57 फीसद से अधिक वोट मिले हैं।”
उधर, सिद्धारमैया के आरोप पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पलटवार करते हुए कहा कि अपनी विफलता के लिए दूसरे पर आरोप लगाना सिद्धारमैया की आदत है। उनके विधायकों ने गवर्नर को इस्तीफा सौंपा है। फिलहाल हालात पर हमारी नजर है, उसी हिसाब के आगे कुछ किया जाएगा।
दूसरी ओर भाजपा की शोभा करंदलाजे का कहना है, “अब हमारी संख्या कांग्रेस-जेडीएस विधायकों से अधिक है। हम करीब 107 हैं, उनकी संख्या 103 है। मुझे लगता है कि राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए भाजपा को बुलाने का फैसला करना चाहिए।”
एक समाचार एजेंसी के अनुसार सोमवार को मुंबई से गोवा के लिए रवाना हुए बागी विधायकों को पुणे लाया गया है। माना जा रहा है कि उन्हें अब मंगलवार को विशेष विमान से गोवा लाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इन विधायकों को पहले सड़क के रास्ते मुंबई भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहित भारतीय के साथ गोवा ले जाया जा रहा था, लेकिन बाद में पुणे लाया गया। अब माना जा रहा है कि ये यहां से गोवा के लिए निकलेंगे। संभावना है कि विधायकों को गोवा में एक रिजॉर्ट में ठहराया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बागी विधायकों को पहले पुणे और बाद में गोवा भेजने की योजना थी, लेकिन वे फिलहाल में मुंबई में ही कहीं ठहरे हुए हैं।
इस बीच बागी विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर केआर राकेश कुमार मंगलवार को फैसला लेंगे। शनिवार को कांग्रेस के 10 और जेडीएस के तीन विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सरकार मुश्किलों में घिर गई थी। नागेश और आर शंकर के इस्तीफे के बाद सरकार के पास 116 विधायकों (कांग्रेस-78, जदएस-37, बसपा-1) का समर्थन है। अगर 13 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो गठबंधन के बाद 103 विधायक होंगे और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 113 है। इन विधायकों का कहना है कि ये अपने इस्तीफे पर अडिग हैं और भाजपा की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने मौजूदा संकट को दूर करने के लिए पार्टी के वरिष्ट नेता डीके शिवकुमार को इन विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब बागी विधायक मुंबई में थे, तब भाजपा नेताओं ने उनपर नजर बनाए हुई थी। भाजपा नेताओं ने इस बात का दावा भी किया था कि इस समूह में और भी बागी विधायक शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मुंबई के इस होटल के बाहर सोमवार को प्रदर्शन करते हुए बागी विधायकों से इस्तीफा वापस लेने की मांग की थी।
बता दें कि अभी तक कांग्रेस के 10, जेडीएस के तीन तथा दो निर्दलीय समेत कुल 15 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। ये सभी विधायक भाजपा के साथ जुड़कर सरकार बनाना चाह रहे हैं।