एससीओ समिट में मोदी ने इमरान को किया नजरअंदाज, आतंक पर घेरा

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नई दिल्ली : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एससीओ समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दूसरे दिन भी फोटो सेशन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को नज़रअंदाज किया। इससे पहले गुरुवार को आयोजित रात्रिभोज में भी पीएम मोदी ने इमरान को भाव नहीं दिया। भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आंतकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा तथा इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने की मांग भी की। मध्य एशिया में चाबहार पोर्ट और अश्काबाद व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि व्यापार के साथ हम पीपुल टू पीपुल कनेक्टिविटी को भी बढ़ा रहे हैं। अफगानिस्तान का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है और इस दिशा में एससीओ काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एससीओ देशों में बेहतर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। इसके लिए भारत एससीओ सदस्य देशों के बीच आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अक्षय ऊर्जा का 6 और सौर उर्जा का 5वां सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश है। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एससीओ देशों के लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू की जाएगी।
पीएम मोदी ने आतंंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने श्रीलंका में सबने आतंक का घिनौना चेहरा देखा। समाज को आतंक से मुक्त करना जरूरी है। इसके लिए सभी मानवतावादी ताकतों को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंतकवाद बढ़ाने में वे देश शामिल हैं, जो आतंकवाद के लिए फंडिंग करते। इसके लिए इशारों-इशारों में पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बिश्केक में फिर भारत से बातचीत करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत और पाक के बीच में बातचीत जरूरी है। इमरान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी अपनी पीठ थपथपाई।
इमरान खान ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत के माध्यम से शांति और अपने मतभेदों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश चाहे तो कश्मीर जैसे मुद्दों का हल भी बातचीत के जरिए किया जा सकता है।
इमरान खान ने माना कि दुर्भाग्य से उन्हें अब तक भारत से ज्यादा सफलता नहीं मिली है। लेकिन उम्मीद है कि वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी के पास एक बड़ा जनादेश है। हम आशा करते हैं कि वह इस जनादेश का उपयोग बेहतर संबंध विकसित करने और उपमहाद्वीप में शांति लाने के लिए करेंगे।
दरअसल, इस साल फरवरी में कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद इमरान खान और मोदी ने एक दूसरे को ट्वीट किया। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने पीएम मोदी की जीत के बाद बधाई संदेश भी भेजा। खान ने कहा कि पाकिस्तान ने अप्रैल-मई में भारत के चुनावों से पहले ही रिश्तों को सुधारने की कोशिश की थी, लेकिन चुनावी अभियान के दौरान इसे प्रमुखता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो जाने के बाद पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि भारतीय नेतृत्व इस अवसर का लाभ क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कर सकता है।