बंगाल में वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष में तब्दील, आज काला दिवस मनाएगी भाजपा

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई ने उग्र रूप धारण कर लिया है। शनिवार की रात उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। इस संघर्ष में तृणमूल कांग्रेस का एक और भाजपा के चार कार्यकर्ता मारे गए। हालांकि भाजपा की ओर से आठ समर्थकों के मारे जाने की बात कही जा रही है। इस खूनी घटना के बाद बंगाल में सियासी उबाल आ गया है। अपने चार कार्यकर्ताओं की मौत से नाराज भाजपा ने रविवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से हिंसक झड़पें भी हुईं। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर, इस घटना की गरमाहट दिल्ली तक महसूस की जा रही है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी घटना पर जहां वहां की मुख्यमंत्री से रिपोर्ट मांगी है, वहीं बंगाल के राज्यपाल दिल्ली पहुंच गए हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ वहां के हालात पर गंभीरता के साथ चिंतन करेंगे।
रविवार को कोलकाता भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। जुलूस जब महात्मा गांधी रोड से सेंट्रल एवेन्यू क्रासिंग की तरफ बढ़ रहा था, तभी पुलिस ने उसे रोक दिया। इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने कुछ समर्थकों को गिरफ्तार किया है। इस बीच बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी दिल्ली पहुंच गए हैं। वे इस घटना और उसके बाद पैदा हुए गंभीर हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक करेंगे।
रविवार को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा का प्रतिनिधिदल संदेशखाली पहुंचा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा, सांसद अर्जुन सिंह, लाकेट चटर्जी, शांतनु ठाकुर व सायंतन बसु शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल बशीरहाट महकमा अस्पताल गया, जहां दो पार्टी समर्थकों प्रदीप मंडल व सुकांत मंडल के शव रखे हुए थे। वहां मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने के बाद प्रतिनिधिमंडल जब दोनों शवों को कोलकाता ला रहा था, तब पुलिस ने मिनाखां के मालंचा मोड़ पर शव वाले वाहनों को रोक दिया। इसका भाजपा के लोगों ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई। भाजपा नेताओं ने मालंचा में सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दे दी। हालांकि बाद में भाजपा ने संदेशखाली में दोनों शवों के दाह संस्कार का निर्णय लिया।
दूसरी तरफ उत्तर 24 परगना जिला तृणमूल पर्यवेक्षक एवं राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के नेतृत्व में तृणमूल का प्रतिनिधिमंडल मारे गए अपने पार्टी समर्थक कयूम मोल्ला के घर पहुंचा। तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल में मंत्री सुजीत बसु, विधायक तापस राय, निर्मल घोष, मदन मित्रा सहित जिले के कई नेता शामिल थे।
इदे बीत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उनकी पार्टी के आठ समर्थकों की हत्या की है। इनमें से दो के शव मिले हैं, जबकि बाकी छह लोगों के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच सियासी हिंसा के बाद बशीरहाट का हाटगाछी अंचल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। इलाके के हरेक नुक्कड़ पर पुलिस पिकेट बिठाई गई है। रैपिड एक्शन फोर्स और काम्बैट फोर्स को तैनात किया गया है। गंभीर हालात को देखते हुए बशीरहाट महकमा प्रशासन ने इंटरनेट व केबल सेवा ठप कर दी है।
भाजपा ने इस वारदात के खिलाफ सोमवार को बशीरहाट महकमे में 12 घंटे का बंद बुलाया है। वह राज्यभर में काला दिवस भी मनाएगी। इसके बाद 12 जून को भाजपा कोलकाता में वेलिंग्टन स्क्वायर से धिक्कार जुलूस निकालेगी और कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार का घेराव करेगी।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को घटना से अवगत करा दिया गया है। हमें यकीन है कि केंद्र इसे गंभीरता से लेगा। इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है।