अलीगढ़ में बच्ची की बर्बर हत्या से पूरे देश में उबाल, पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड

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नई दिल्ली : उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची के साथ की गई बर्बरता ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। मासूम बच्ची के साथ हुई इस बर्बर घटना से पूरा देश नाराज है। हर कोई गुनाहगारों को कड़ी-से-कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि 30 मई से लापता बच्ची का शव रविवार को क्षत-विक्षत हालत में कूड़े के ढेर पर पड़ा मिला था। आरोप है कि पुलिस ने बच्ची के गायब होने की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही शव मिलने के बाद भी मामले को लीपापोती करने में लगी रही। लेकिन जब शव मिलने के बाद बच्ची को न्याय दिलाने के लिए ट्विटर पर उसके नाम के साथ हैशटैग ट्रेंड करने लगा तो मामला सुर्खियों में आ गया। मात्र 24 घंटे में ही 50 हजार से अधिक लोगों ने ट्वीट कर इस हृदयविदारक घटना को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। इसके बाद लोगों ने एक सुर में बच्ची को न्याय दिलाने और अलीगढ़ पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। राजनीति और फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों ने भी घटना के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी घटना की कड़ी निंदा की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “अलीगढ़ में बच्ची की बर्बर तरीके से हत्या की गई है। यूपी ने मुझे स्तब्ध और परेशान कर दिया है। कैसे कोई इंसान इतनी बर्बरता से बच्ची की हत्या कर सकता है। यह जघन्य अपराध है और दोषी को बिना सजा छोड़ा नहीं जा सकता।”
प्रियंका ने लिखा, अलीगढ़ की मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय और जघन्य घटना ने हिलाकर रख दिया है। हम ये कैसा समाज बना रहे हैं? बच्ची के माता-पिता पर क्या गुजर रही है ये सोचकर दिल दहल जाता है। अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मायावती ने कहा, अलीगढ़ में दो साल की मासूम बच्ची के साथ नृशंस व्यवहार एवं हत्या अति-शर्मनाक व दुखद है। सरकार तुरंत सख्त कार्रवाई करके दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे। अभिनेता अनुपम खेर, सोनम कपूर, सिद्धार्थ मल्होत्रा, जेनेलिया देशमुख आदि ने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उधर, लोगों में बढ़ते गुस्से से दबाव में आई यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। हत्या के आरोप में बच्ची के पड़ोसी जाहिद और असलम को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। पोस्टमॉर्टम में बच्ची के हाथ और पैर टूटे मिले थे, जबकि शरीर की कई अन्य हड्डियां भी टूटी हुई थीं। पीड़ित परिवार ने बच्ची की आंख में तेजाब डाले जाने तथा रेप का दावा किया था, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट फिलहाल इन दोनों आरोपों की पुष्टि नहीं कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बच्ची के शरीर के साथ इतनी हैवानियत की गई है कि दुष्कर्म हुई है या नहीं यह भी पुष्टि नहीं की जा सकती है। पुलिस ने भारी दबाव के बाद ही आरोपियों के खिलाफ पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
परिवार के मुताबिक बच्ची के दादा से आरोपी ने 50 हजार रुपये कर्ज लिए थे, जिसमें से 10 हजार रुपये उसने नहीं दिए थे। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच बच्ची के गायब होने से दो दिन पहले कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि जाहिद ने अपमान का बदला लेने की धमकी दी थी।
टप्पल में दिल दहला देने वाले ढाई साल की मासूम की निर्मम हत्या की जांच अब एसआईटी करेगी। सोशल मीडिया और मीडिया में मुद्दा छाने के बाद हरकत में आए पुलिस प्रशासन ने दोनों हत्यारोपियों पर रासुका और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की घोषणा की है।
ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ की गई हैवानियत और हत्या का मामला शुक्रवार को देशभर में चर्चा का विषय बन गया। एसएसपी अलीगढ़ आकाश कुलहरि ने शुक्रवार को मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा की। कप्तान ने बताया कि एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार और एसपी देहात मणिलाल पाटीदार के नेतृत्व में टीम मामले की जांच करेगी। इस टीम में महिला थाने की इंस्पेक्टर सुनीता मिश्रा समेत पांच इंस्पेक्टर को टीम में शामिल किया गया है। इसके साथ ही एफएसएल व सर्विलांस की टीम को भी लगाया गया है। यूपी के डीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश अलीगढ़ पुलिस को दिए। कप्तान ने बताया कि मासूम के दोनों हत्यारोपियों पर रासुका के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एसएसपी ने बताया कि मासूम की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। इस कारण पोस्टमॉर्टम के समय तैयार करवाई गई स्लाइड व अन्य चीजों को जांच के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजा गया है।