हावड़ा से दिल्ली आ रही पूर्वा एक्‍सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, साठ यात्री जख्मी

0
222
नई दिल्ली : हावड़ा से दिल्‍ली आ रही पूर्वा एक्‍सप्रेस बीती रात करीब एक बजे कानपुर के पास पटरी से उतर गई। इस हादसे में 60 यात्रियों के घायल होने की खबर है। सभी घायल यात्रियों को आनन-फानन में कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां से गंभीर रूप से जख्मी कुछ यात्रियों को एलएलआर अस्पताल (हैलट) रेफर कर दिया गया। हालांकि, इस ट्रेन हादसे में किसी के भी मारे जाने की खबर नहीं है। हादसे की वजह क्‍या थी, इसका पता नहीं चल पाया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि रिलीफ ट्रेन 900 यात्रियों को लेकर कानपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है।

शुक्रवार को हावड़ा से चली पूर्वा एक्सप्रेस रात करीब एक बजे कानपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कानपुर से पन्द्रह किलोमीटर दूर रूमा गांव में हुई इस दुर्घटना में ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। जब यह हादसा हुआ, उस समय रात के करीब एक बज रहा था। इस समय ट्रेन में सफर करने वाले ज्‍यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि 12 में से चार डिब्‍बे तो पूरी तरह पलट गए। बड़ी मुश्किल से इन डिब्‍बों में से यात्रियों को बाहर निकाला गया। इन्हीं चार डिब्‍बों के यात्रियों को सबसे ज्‍यादा चोट आई है। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, एसएसपी अनंतदेव तिवारी समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने पूरी स्थिति का जायजा लिया। एनडीआरफ की 45 लोगों की टीम भी मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य में जुट गई।

रेलवे की ओर से जारी बयान में बताया गया कि राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। इस हादसे में किसी भी यात्री की जान नहीं गई है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में डीएम विजय विश्वास पंत ने बताया कि यात्रियों को कानपुर सेंट्रल तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है, जबकि रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को कानपुर से दिल्ली ले जाने के लिए एक अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था की गई है। आरपीएफ के मुताबिक, पूर्वा एक्सप्रेस में आगे की ओर से जनरल डिब्बे लगे हुए थे, जबकि पैंट्री कार से पीछे एसी के कोच लगे थे। पैंट्री कार से ट्रेन दो भागों में बंट गई। इनमें वातानुकूलित कोच भी शामिल हैं। पूर्वा एक्सप्रेस को कानपुर सेंट्रल पर करीब 12.05 बजे पहुंचना था, जबकि वह पहले से ही एक घंटा 12 मिनट देरी से चल रही थी। उत्तर रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय के मुताबिक अभी तक हादसे में किसी भी यात्री के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। 50 से 60 लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, एसएसपी अनंत देव तिवारी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, एसपी पूर्वी, क्षेत्राधिकारी व कई थानों की पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी व पीएसी को भी मौके पर भेजकर राहत कार्य शुरू कराया गया। घायलों को पहले कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा गया। वहां से कुछ को एलएलआर अस्पताल (हैलट) रेफर किया गया।

ट्रेन से दिल्ली जाने वाले यात्रियों ने बताया कि अचानक जोर का झटका लगा। ऐसा लगा कि किसी ने तीन-चार बार डिब्बे को पलट दिया हो। इसके बाद पटरी से डिब्बे अलग हो गए। इसके बाद वहां पर चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने यह भी बताया कि ट्रेन के डिब्बे पलटते हीं आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इसके बाद चीख-पुकार सुनाई दी। किसी ने बताया कि देर रात सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक जोरदार आवाज आई। आंख खुली तो अंधेरा था। अचानक से एक तेज धमाका हुआ। इसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई। पता चला कि ट्रेन पलट गई है। बहुत से यात्री हताहत हुए हैं। चारों तरफ चीख-पुकार मची थी। घायलों में बिहार के रवींद्र वर्मा, पवन सिंह, संजय, भूपेश, वीरेंद्र आदि को कांशीराम ट्रामा सेंटर लाया गया।