मुजफ्फरपुर फिर बदनाम, अब मेडिकल में महिला कैदी से रेप

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मुजफ्फरपुर : बिहार का मुजफ्फरपुर शहर एक बार फिर बदनाम हुआ है। पिछली बार वह बालिका संरक्षण गृह में छोटी-छोटी बालिकाओं के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर पूरी दुनिया में बदनाम हुआ था, जबकि अब मेडिकल कॉलेज में एक महिला कैदी के साथ हुए गैंगरेप को लेकर बदनामी झेल रहा है। हालिया मामला मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज यानी श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और हॉस्पीटल (एसकेएमसीएच) का है, जहां पर सीतामढ़ी जेल की एक महिला कैदी के साथ दो सिपाहियों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। सीतामढ़ी जेल अधीक्षक की शिकायत पर अहियापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि बीते 14 नवंबर की रात मुजफ्फरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज यानी एसकेएमसीएच के शौचालय में उक्त महिला कैदी से दो सिपाहियों ने बलात्कार किया। सीतामढ़ी की इस महिला कैदी को 11 नवंबर को इलाज के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि सीतामढ़ी मंडल कारा अधीक्षक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मंडल कारा अधीक्षक ने अहियापुर पुलिस को बताया कि 11 नवंबर को एक महिला कैदी की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में महिला की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे एसकेएमसीएच रेफर कर दिया। 22 नवंबर को तबीयत ठीक हो जाने पर महिला कैदी को वापस सीतामढ़ी जेल भेज दिया गया। वहां पर उसने अपने साथ हुए दुष्कर्म की बात बताई। महिला कैदी ने बताया कि 14 नवंबर की रात करीब 2.30 बजे महिला सिपाही अर्चना कुमारी के साथ वह शौचालय गई थी। शौचालय में पहले से घुसे शैलेश कुमार और छोटे लाल कुमार ने नशीला पदार्थ सुंघाकर शौचालय में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। एसकेएमसीएच प्रशासन ने सफाई देते हुए बताया कि एेसी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। अस्पताल में कैदी के इलाज के दौरान पुलिसकर्मी वार्ड में ही रहते हैं।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पड़ोसी जिला सीतामढ़ी की जेल की एक महिला कैदी के बीमार पड़ने पर उसे इलाज के लिए बीते 11 नवंबर को श्री कृष्ण मेडिकल कालेज एंड हॉस्पीटल लाया गया था। कैदी के ठीक हो जाने के बाद 22 नवंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी ।
उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी जेल वापस ले जाने पर महिला ने इलाज के दौरान 14 नवंबर की रात अस्पताल के शौचालय में दो लोगों शैलेश कुमार और छोटेलाल पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।मनोज कुमार ने कहा कि अहियापुर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है ।

इसबीच, राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान सीतामढ़ी जेल की एक महिला कैदी के साथ बिहार के दो पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म किया। उन्होंने इसे बिहार में अपराध की परकाष्ठा बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में महिला के साथ दुष्कर्म किया गया और मुख्यमंत्री चुप हैं। लालू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि अपराध पर उनकी चुप्पी भी एक अपराध है।

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी इस मामले को लेकर ट्वीट किया, ‘‘मुजफ्फरपुर के अस्पताल में इलाजरत महिला क़ैदी के साथ नीतीश जी के अधीन कार्यरत दो पुलिसकर्मियों ने बलात्कार किया। अब बिहार में पुलिसकर्मी कस्टडी में ही बलात्कार कर रहे हैं। यही है नीतीश जी का राक्षसी सुशासन।’’