#MeToo पर शबाना आजमी ने तोड़ी चुप्पी, कहा ‘बॉलीवुड भी अछूता नहीं’ 

0
271
वाराणसी : पिछले कई सालों से चल रहा #Me Too अभियान से भारत समेत दुनिया भर के कई देशों में हलचल मची हुई है। भारत में भी इस अभियान के तहत बड़े-बड़े खुलासे हुए हैं। अब अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी ने इस अभियान के संदर्भ में बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को एक कार्यकर्म के सिलसिले में वाराणसी पहुंचीं फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने मीडिया से हुई बातचीत के दौरान #मी टू कैंपेन पर अपनी बात खुल कर रखीं। मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी का कहना है कि औरतों के लिए बहुत जरूरी है कि जहां वे काम करती हैं, वह जगह सुरक्षित हो। महिलाएं अपना काम बगैर किसी डर के करें। बॉलीवुड में ‘मीटू’ कैंपेन के सवाल पर शबाना आजमी ने कहा कि वर्क प्लेस पर महिलाओं का उत्पीड़न होता है और बॉलीवुड इससे कहीं भी अछूता नहीं है।
शबाना आजमी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि फिल्म इंडस्ट्री एकजुट हुई और इस सिलसिले में सख्त कदम उठाए गए हैं। पीडि़तों के पक्ष में लोग खड़े हुए हैं। कई निर्देशकों को इस वजह से फिल्में छोड़नी पड़ी हैं। एक तरह से देश के सामने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक मिसाल कायम की है। महिलाओं के रोजगार और उनकी शिक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज जरूरी है कि गांव की महिलाएं सशक्त हों। उनके पास रोजगार होगा तो उनकी जिंदगी में तब्दीली आएगी। आत्मसम्मान भी जागता है। महिलाएं अपनी अहमियत समझेंगी।
राम मंदिर के मुद्दे पर शबाना आजमी ने कहा कि मुझे मंदिर-मस्जिद की बात पर कोई हैरानी नहीं होती। आज का राजनीतिक माहौल ही ऐसा है कि सांप्रदायिक मुद्दों को आगे लाया जाता है। ये देश के लिए नुकसानदेह है। आज की लड़ाई हिंदू-मुस्लिम के बीच नहीं, बल्कि विचारधारा की है। एक लड़ाई लिबरल और प्रोग्रेसिव बनाती है, दूसरी कट्टरपंथ की तरफ लेकर जाती है। इससे हमें निकलना चाहिए।
एक हिंदू को यह फैसला करना है कि वो विवेकानंद के हिंदुत्व को मानते हैं या फिर उनकी, जो धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं। इसी तरह मुसलमानों को तय करना होगा कि वो मौलाना आजाद की बात सुनना पसंद करते हैं या किसी कट्टरपंथी की।
वाराणसी के चौबेपुर में महिला सशक्तीकरण अभियान के तहत चौपाल कार्यक्रम में शबाना आजमी ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आर्थिक रूप से मजबूत बनकर समाज में क्रांति लाएं। शुक्रवार शाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन क्लस्टर मिशन के अंतर्गत इस कार्यक्रम में महिलाओं को गांवों में चल रहे कढ़ाई, सिलाई, बुनाई केन्द्रों से मेहनत कर स्वावलंबी बनाने पर बल दिया।
फिल्म नीरजा के बाद शबाना आजमी की अगली फिल्म ‘पांच रुपया’ अगले महीने दिसंबर में रिलीज होने जा रही है। ये फिल्म कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास ‘ईदगाह’ पर बनी है। इसमें शबाना आजमी हामिद की दादी ‘आमिना’ के किरदार में नजर आएंगी। पीयूष चंद्रकांत इसके निर्देशक हैं। इसके अलावा शबाना आजमी हॉट स्टार के लिए एक टीवी सीरियल भी कर रही हैं।