करुणानिधि की समाधि को लेकर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, समर्थकों ने की तोड़फोड़

0
383

चेन्नई : तमिलनाडु की राजधानी चेन्‍नई में मंगलवार की रात उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तमिलनाडु सरकार ने एम. करुणानिधि को दफनाने के लिए मरीना बीच पर जगह देने से इनकार कर दिया। इसके बाद चेन्‍नई में कावेरी हॉस्पिटल के बाहर डीएमके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
उधर, डीएमके समर्थकों के हंगामे को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि वह रात को इस मामले पर सुनवाई करेगी। हालांकि, रात 1 बजे तक सुनवाई चलने के बावजूद सरकार इस मामले पर अपना पक्ष सही से नहीं रख पाई। इसके बाद सरकार ने जवाब के लिए और समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने सुबह 8 बजे तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले में बुधवार सुबह फैसला आने की संभावना है। बता दें कि मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार के लिए जमीन मामले की सुनवाई के लिए डीएमके के वकील मद्रास हाईकोर्ट के ऐक्टिंग चीफ जस्टिस एच.जी. रमेश के आवास पर पहुंचे। कार्यकारी मुख्‍य न्‍यायाधीश हुलुवादी जी रमेश ने कहा कि मरीना बीच पर जगह नहीं दिए जाने के मामले पर रात साढ़े 10 बजे सुनवाई करेंगे। इस मामले पर सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन तमिलनाडु सरकार का पक्ष रख रहे हैं।

गौरतलब है कि दक्षिण भारत की राजनीति के पितामह एम. करुणानिधि का मंगलवार की शाम चेन्नई के कावेरी अस्पताल में निधन हो गया था। वे जुलाई महीने की 28 तारीख से अस्पताल में भर्ती थे। वहां से दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर उनके गोपालपुरम स्थित आवास पर लाया गया। वहां पर उनके हजारों समर्थक मौजूद हैं, जो मरीना बीच पर उनको दफनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे करुणानिधि के गोपालपुरम आवास के बाहर नारेबाजी भी कर रहे हैं। वे करुणानिधि की समाधि के लिए मरीना बीच पर जगह नहीं देने के तमिलनाडु सरकार के रवैये से नाराज हैं। उन्होंने करुणानिधि के आवास के बाहर वाहनों में तोड़फोड़ करने की कोशिश भी की। इस दौरान उन्होंने बैरीकेडिंग भी तोड़ दी।

बता दें कि द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने करुणानिधि के लंबे सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी को पत्र लिखा था और उनसे मरीना बीच पर दिवंगत नेता के मार्गदर्शक सी. एन. अन्नादुरई के समाधि परिसर में जगह देने की मांग की थी। स्टालिन ने अपने पिता के निधन से महज कुछ ही घंटे पहले इस संबंध में मुख्यमंत्री से भेंट भी की थी।

इस बीच सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में लंबित कई मामलों और कानूनी जटिलताओं के कारण मरीना बीच पर जगह देने में असमर्थ है। तमिलनाडु सरकार सरकार राजाजी और कामराज के स्मारकों के समीप सरदार पटेल रोड पर दो एकड़ जगह देने के लिए तैयार है।बता दें कि पटेल रोड पर ही पूर्व मुख्‍यमंत्रियों सी. राजगोपालचारी और के. कामराज के भी स्‍मारक हैं।

कुछ खबरों में कहा गया है कि सरकार मरीना बीच पर करुणानिधि को दफनाने के लिए इसलिए जगह देने को अनिच्छुक है, क्योंकि वह वर्तमान में मुख्यमंत्री नहीं थे। पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन और उनकी बेहद करीबी जे. जयललिता मरीना बीच पर ही दफन किए गए थे और वहीं उनके स्मारक बनाए गए थे, क्योंकि ये दोनों अपनी मौत के समय मुख्यमंत्री के पद पर आसीन थे। करुणानिधि के पूर्ववर्ती सी.एन. अन्नादुरई का जब निधन हुआ था, तब वह भी मुख्यमंत्री थे।

इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चेन्नई में उनके गोपालपुरम स्थित आवास पर पहुंच गई हैं। वहां पर उन्होंने करुणानिधि के परिवार के लोगों से मुलाकात की तथा दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कीं। मशहूर फिल्म स्टार रजनीकांत भी करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके गोपालपुरम स्थित आवास पर पहुंच गए हैं।

बता दें कि एम. करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने देने को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस राहुल गांधी ने कहा कि जयललिता की तरह करुणानिधि भी तमिल लोगों की आवाज थे। उन्हें भी मरीना बीच पर स्थान दिया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है तमिलनाडु के नेता इस मामले में उदारता दिखाएंगे।

फिल्म स्टार रजनीकांत ने भी कहा कि तमिलनाडु सरकार को करुणानिधि का अंतिम संस्कार अन्ना मेमोरियल के नजदीक करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए। यह उनको सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि एक महान नेता का निधन हुआ है। वह तमिलनाडु ही नहीं, पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने संघवाद और तमिलनाडु के लोगों के लिए लड़ाई लड़ी थी। अगर उनकी सामाधि के लिए जमीन नहीं दी गई तो तमिलनाडु के लोग राज्य सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।

सीताराम येचुरी ने भी कलैगनार को मरीना बीच में दफनाने के लिए जगह देने से मना करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कह कि वो इसके हकदार हैं कि उनको तमिलनाडु के पहले मुख्यमंत्री सी.एन. अन्ना दुरई के बगल में दफनाया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here