कर्नाटक : पटखनी देने को बिछने लगी बिसात

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बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम मंगलवार को आने वाला है। लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर के बीच शह और मात का सियासी खेल शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता और राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी बिसात बिछा दी है। उन्होंने पार्टी की जीत का दावा करने के साथ ही किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी दावेदारी छोड़ देने का ऐलान किया है। उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत से दूर है। सिद्धारमैया के इस ऐलान से राजनीतिक विश्लेषकों यह समझ में आने लगा है कि त्रिशंकु नतीजे आने पर कांग्रेस जदएस के समर्थन से सरकार बनाना चाहेगी। उधर, भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी बीएस येद्दयुरप्पा ने एक बार फिर दावा किया है कि उनकी पार्टी को 125 से 130 सीटें मिलेंगी और वह ही मुख्यमंत्री बनेंगे। इस बीच जनता दल सेक्यूलर ने भी अपना पासा फेंक दिया है। वह कांग्रेस और भाजपा किसी के साथ भी सरकार बनाने के लिए तैयार है।

सिद्धारमैया ने रविवार को अपने चुनाव क्षेत्र चामुंडेश्वरी में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि यह मेरा अंतिम चुनाव है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जदएस के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। त्रिशंकु नतीजों या कांग्रेस की पराजय बताने वाले एग्जिट पोल पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि एग्जिट पोल अगले दो दिन का मनोरंजन हैं। यह उस व्यक्ति को संतोष देता है, जो नदी तैरकर पार नहीं कर सकता। ऐसे ही लोगों को यह बताया जाए कि नदी की औसत गहराई चार फीट है और इस गहराई को पैदल पार किया जा सकता है। नोट करें 6+4+2 का औसत चार होता है, जबकि कम से कम छह फीट पानी ही किसी व्यक्ति के डूबने के लिए काफी है। इसलिए पार्टी कार्यकर्ता एग्जिट पोल की चिंता न करें। वे रविवार को छुट्टी मनाएं।’ इतना सब कुछ कहने के बाद भी किसी दलित के लिए मुख्यमंत्री पद की दावेदारी छोड़ने वाला बयान देकर सिद्धारमैया ने त्रिशंकु नतीजे आने पर जदएस को लुभाने की कोशिश की है। बावजूद इसके उन्हें पता है कि जदएस, जिसने 2005 में उन्हें पार्टी से निकाला था, वह उनके नाम पर समर्थन देने के लिए तैयार नहीं होगी।

इस बीच जदएस ने भी अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वह नतीजों के बाद ही अपना रुख तय करेगी। उधर, बीएस येद्दयुरप्पा ने रविवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि कर्नाटक में त्रिशंकु नतीजे नहीं आएंगे। भाजपा को 130 सीटें मिलेंगी और वह सरकार बनाएगी। येद्दयुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस 70 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी, जबकि जदएस को 25 सीटें मिल सकती हैं। निर्दलीय तीन-चार सीटें जीतेंगे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पारी समाप्त हो चुकी है। वह दोनों सीटों से चुनाव हार जाएंगे। कर्नाटक में भाजपा की मजबूत लहर है। मैं राज्य की राजनीति में लंबे समय से हूं। मैं लिखकर दे रहा हूं कि भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ जीत रही है। नतीजे आने के बाद आप इसका सत्यापन कर लेना। येद्दयुरप्पा ने यह भी दावा किया कि अब तक के राजनीतिक जीवन में उनका गणित कभी गलत नहीं निकला। कांग्रेस जानती है कि वह हार रही है।

इस बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी रविवार को दावा किया कि कर्नाटक में 15 मई को भाजपा ही सरकार बनाएगी। शाह पहले भी अनुमान जता चुके हैं कि उनकी पार्टी को 130 सीटें मिलेंगी।

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