आंधी-तूफान का कहर, ताजमहल के पिलर व मीनार गिरे, यूपी में 18 मरे

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आगरा : बुधवार को आया आंधी-तूफान उत्तर प्रदेश का चौबीस साल का रिकार्ड तोड़ दिया। इस आंधी-तूफान में मुगलकालीन ताजमहल के रॉयल गेट के ऊपर लगा करीब 12 फीट ऊंचा पिलर टूटकर गिर पड़ा। दक्षिणी गेट के पर लगा आठ फीट ऊंचा पिलर भी टूट गया। सरहिदी बेगम (सहेली बुर्ज) के मकबरे की छत का गुलदस्ता नीचे आ गया। परिसर में खड़े कई पेड़ भी धराशायी हो गए हैं। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय ताज परिसर से पर्यटक बाहर जा चुके थे। इस कारण यहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ताज में हुए नुकसान का सही आकलन गुरुवार की सुबह ही हो सकेगा।

प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार चौथे दिन बुधवार को आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने कहर बरपाया। इस दौरान तीन मासूम समेत 18 लोगों की मौत हो गई।
गौरतलब है कि विश्वप्रसिद्ध ताजमहल को बुधवार को आए आंधी-तूफान भारी नुकसान हुआ है। फोरकोर्ट में खड़ा नीम का पेड़लैंप पर गिर गया। इसके अलावा परिसर में खड़े पेड़ टूटकर गिर पड़े। यहां रॉयल गेट पर छतरियों के दोनों ओर 12 फीट ऊंचे जिगजैग डिजाइन में सफेद और काले रंग के संगमरमर के पिलर हैं। आंधी में उत्तर-पश्चिम का पिलर टूटकर नीचे आ गिरा। इसके अलावा दक्षिणी गेट पर चारों कोनों पर करीब आठ फीट ऊंचे मीनार हैं। इनमें से उत्तरी-पश्चिमी मीनार टूटकर गेट की छत पर गिर पड़ा। पूर्वी गेट स्थित सरहिदी बेगम के मकबरे के गुंबद पर लगा लाल पत्थर का गुलदस्ता भी आंधी में टूटकर गिर गया। वहीं, रेवती के बाड़े में पश्चिमी दीवार से लगा पीपल का पेड़ टूट गया। इससे बाड़े की दीवार टूट गई। साथ ही बगल के मकान की दीवार भी घराशायी हो गई।

इस बीच

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को लगातार चौथे दिन भी आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने कहर बरपाया। इस दौरान तीन मासूमों समेत 18 लोगों की जान चली गई। इतना ही नहीं राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गईं। उधर, वादी में बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अलबत्ता, दिल्ली में मौसम सामान्य रहा।