भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में चार की मौत, बसों में तोड़फोड़, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

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नई दिल्ली/ पटना : अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध प्रदर्शित किया है। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और अागजनी की घटनाएं हुई हैं। मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान जहां चार लोगों की जान चली गई है, वहीं बिहार में दलित संगठनों ने जमकर उत्पात मचाया है। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई है। इसके अलावा कई जगहों पर झड़प भी हुई है। इस बीच दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद को देखते हुए पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी थी।

सुप्रीम़ कोर्ट ने हाल ही में एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव किए थे। इसको लेकर दलित संगठनों में भारी नाराजगी है। इसी के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को बंद भारत बंद का ऐलान किया था। हालांकि केन्द्र सरकार ने इस मामले में आज ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर किया है।

मध्यप्रदेश : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद के दौरान मुरैना में जमकर हिंसा हुई। यहां हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई। इससे हालात बेकाबू हो गए। बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। साथ ही कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया। , इस कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।ग्‍वालियर में भी भारत बंद के दौरान हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से दो लोगों की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देसकर ने बताया कि ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान कुल चार लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली : एनसीआर समेत पूरी दिल्ली में भारत बंद के दौरान दमकर हिंसा हुई। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे इन मार्गों पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। 

बिहार : भारत बंद का असर यहां पूरे राज्य में दिखा। कई जगहों पर ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित है। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान हिंसक झड़प हो गई। इसमें कई छात्र घायल हो गए।

राजस्थान : यहां बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इसमें 25 लोग घायल हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज करने केे साथ ही आंसू गैस के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। इस कारण दोनों गुटों में भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई है।

उत्तर प्रदेश : भारत बंद के दौरान पूरे राज्य में हालात बेकाबू हो गए। आजमगढ़ में एक बस में आग लगा दी गई। मेरठ, आगरा और मैनपुरी में दलित संगठनों से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आगरा में भी दलित संगठनों ने विरोध किया है। बसपा से जुड़े लोगों ने सभी बाजारों को जबरन बाजार बंद करा दिया। येे लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। इन प्रदर्शनों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़़ी कर दी थी। । पंजाब : भारत बंद को देखते हुुुए यहां स्कूल-कॉलेजों, विश्वविद्यालय व बैंक को सोमवार को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए थेेे।सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर मेंवाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी। इससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

झारखंड : रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर आए। इन लोगों ने दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज किया।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच को भी प्रभावित कर सकता है।