डीके ने बांग्लादेश के जबड़े से छीनी जीत।

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भारत ने दिनेश कार्तिक की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की बदौलत बांग्लादेश को चार विकेट से हराकर निदहास ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। दिनेश कार्तिक ने अंतिम बॉल पर छक्का लगाकर बांग्लादेश की झोली में जा रही जीत को टीम इंडिया की झोली में डाल दी। उसने मात्र आठ बॉल पर नाबाद 29 रनों की आतिशी पारी खेलकर बांग्लादेश के जबड़े से जीत छीन ली।

श्रीलंका में रविवार को सपन्न हुई निदहास ट्रॉफी में टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी। पहला मैच श्रीलंका के साथ था। इस मैच में टीम इंडिया की हार हुई थी। लेकिन इस हार के सदमे से उबरते हुए टीम इंडिया ने उसके बाद एक भी मैच नहीं हारा। रविवार को खेला गया फाइनल मैच अंतिम बॉल तक चला। रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर बांग्लादेश को बैटिंग के लिए कहा। बांग्लादेश ने शब्बीर रहमान के 77 रनों की बदौलत कुल 166 रन बनाए। इस तरह भारत को जीतने के लिए 167 रन का टारगेट दिया गया। अठारहवें ओवर तक मैच बांग्लादेश के पाले में था। भारत को यह मैच को जीतने के लिए अंतिम दो ओवर में 34 रनों की जरूरत थी। अब तक भारत के पांच विकेट गिर चुके थे। पांचवां विकेट गिरने के बाद दिनेश कार्तिक को भेजा गया। उसने आते ही उन्नीसवें ओवर की पहली गेंद पर छक्का मारा, जबकि दूसरी और तीसरी गेंद पर क्रमश: चौका और छक्का लगाया। इसके बाद इसी ओवर की अंतिम गेंद को भी उसने छह रनों के लिए उड़ा दिया। इस तरह इस ओवर में कुल बाइस रन बने। अब भारत को जीत के लिए छह बॉल पर कुल बारह रन चाहिए थे, पर दिनेश कार्तिक ननस्ट्राइक एंड पर थे। अब रन बनाने की जिम्मेदारी विजय शंकर की थी, पर वे चल नहीं पा रहे थे। इस ओवर में किसी तरह पांच बॉल पर सात रन बने। अब अंतिम बॉल पर पांच रनों की दरकार थी। स्ट्राइक दिनेश कार्तिक के पास था। स्टेडियम में बैठे दर्शक और टीवी पर फाइनल मैच देखने वाले दर्शकों के दिल की धड़कनें जोर-जोर से धड़क रही थीं। सभी ऊहापोह की स्थिति में थे कि क्या होगा? अंतिम गेंद पर चौका लगने पर भी मैच टाई हो जाता। लेकिन दिनेश कार्तिक आज कुछ और इरादा लेकर मैदान में उतरे थे। आखिरकार अंतिम गेंद पर उन्होंने एक और छक्का जड़ दिया। इस तरह भारत हारते-हारते यह फाइनल मैच जीत गया। एक तरह से दिनेश कार्तिक ने अंतिम दो ओवर में 34 रन बनाकर बांग्लादेश के जबड़े से यह जीत छीन ली है।