बीजेपी : आप तो ऐसे न थे!

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नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में दो सौ से अधिक पत्थरबाजों से घिरे सैनिकों की बचाव फायरिंग में दो पत्थरबाजों की मौत हो गई। इस घटना की पूरी तहकीकात किए बिना ही वहां की पुलिस ने सैनिकों का पक्ष सुने बिना ही पूरी यूनिट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस घटना से नाराज राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही रक्षामंत्री से बात कर इस घटना को लेकर नाराजगी जताई है। उधर, जम्मू-कश्मीर सरकार में शामिल भाजपा के साथ ही केन्द्र सरकार इस पूरी घटना पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। दोनों ने चुप्पी साध रखी है।

कश्मीर के शोपियां जिले के गनावपोरा इलाके मेंशनिवार की शाम सेना के जवान एक बैनर उतारने पहुंचे थे। इसी दौरान सेना के वाहन पर दो सौ से ज्यादा पत्थरबाजों ने भारी पथराव कर दिया। बेकाबू पत्थरबाजों को तितर-बितर करने के लिए सेना को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें दो पत्थरबाजों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। उधर, इस पथराव में कुछ जवान भी घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में सेना की पूरी यूनिट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उधर, राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। डीसी शोपियां को दो सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही क्षामंत्री निर्मला सीतारमण से नाराजगी जताई गई है। उधर, पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार में शामिल भारतीय जनता पार्टी और केन्द्र सरकार ने गजब की चुप्पी साध रखी है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा सेना का साथ देने वाली भारतीय जनता पार्टी और केन्द्र सरकार इस बार उसे अकेले छोड़ दिया है। भाजपा और केन्द्र सरकार की इस रहस्यमयी चुप्पी को देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि ‘ आप तो ऐसे न थे।’