सेल्फ गोल की आदत ले डूबेगी कांग्रेस को!

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नई दिल्ली। लगता है देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को सेल्फ गोल करने यानी अपने ही गोल पोस्ट में गोल करने की आदत पड़ गई है। किसी भी चुनाव से पहले उनके कोई-न-कोई नेता एेसा जरूर कर देते हैं, जो चुनाव में हार का कारण बन जाता है। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान तो हमने कांग्रेस के नेताओं को ऐसा करते देखा ही था, लेकिन अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले भी वे कुछ ऐसा ही करते दिख रहे हैं। समझ में नहीं आता कि इतनी बड़ी पार्टी के रणनीतिकार क्या कर रहे हैं? लगता है पार्टी में किसी पर कोई बंदिश नहीं है। तभी तो कोई भी कांग्रेस नेता सेल्फ गोल कर पार्टी को हार की गर्त में ढकेल देता है।

फुटबॉल में सेल्फ गोल करना बड़ी ही शर्मींदगी की बात होती है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी में एेसा नहीं है। कांग्रेस पार्टी के नेता सेल्फ गोल करने में माहिर हैं। उनको सेल्फ गोल करने की आदत पड़ चुकी है। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पहले तो पार्टीके वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने तथा बाद में मणिशंकर अय्यर ने कुछ ऐसा कर दिया कि पूरा चुनाव ही पलट गया और लगभग जीती हुई बाजी कांग्रेस हार गई। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में राम जन्म भूमि मामले को 2019 के लोकसभा चुनाव तक टालने की बात कहकर भारतीय जनता पार्टी को हमलावर होने का मौका दे दिया और कांग्रेस पार्टी चुनाव में बैकफुट पर आ गई। इसी चुनाव में रही-सही कसर मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच आदमी’ कह कर पूरी कर दी। फिर वही हुआ, जिसकी पटकथा कांग्रेस के नेता लिख चुके थे। आखिरकार गुजरात में कांग्रेस की हार हो गई। लेकिन, इस हार से भी कांग्रेस के नेता कुछ सीख लेते नहीं दिख रहे हैं। उनका सेल्फ गोल करने का सिलसिला जारी है। अब कर्नाटक चुनाव से पहले वहां के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हिन्दू आतंकवाद का जुमला उछालकर सेल्फ गोल कर लिया है। उनके इस वक्तव्य से हिन्दूबहुल कर्नाटक के हिन्दू नाराज़ हो सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने 14 जनवरी को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गले लगाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर एक विडियो जारी किया है। इस विडियो में विदेशी नेताओं से गले मिलने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तंज किया गया है। उनकी इस प्रवृत्ति को ‘हगप्लोमेसी’ कहकर उनका मज़ाक उड़ाते हुए यह कहा गया है कि मोदी विदेशी नेताओं से जबरन गले लगते हैं।

कांग्रेस की इन उल-जलूल हरकतों को देखकर यह समझ में नहीं आता कि उनके रणनीतिकार क्या कर रहे हैं? मणिशंकर अय्यर के नीच कहने पर तब तो राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन अब जिसने विडियो जारी करवाया है, क्या उसे भी पार्टी से निकाल देंगे? कांग्रेस के नेता जितना प्रधानमंत्री मोदी को नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे, वे और मजबूत होकर उभरेंगे। कांग्रेस की लगातार होती हार इसके प्रमाण हैं। इसके बावजूद कांग्रेस के नेता वही सब करते जा रहे हैं, जो उनकी पार्टी के लिए मुफीद नहीं है। कहने का मतलब यही है कि कोई खुद ही डूबने को तैयार हो तो कोई उसे कैसे और कब तक बचा सकता है? यानी एक दिन तो उसकी मौत निश्चित है। कांग्रेस को सेल्फ गोल करने की आदत पड़ चुकी है, उसे भगवान ही बचाए