कर्नाटक : चुनावी आगाज़ ऐसा तो अंजाम कैसा

0
810

कर्नाटक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का स्वरूप कैसा होगा, इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां शुक्रवार को अपनी जनसभा कर दे दी है। उन्होंने वहां टीपू सुल्तान की जयंति मनाने वालों का विरोध करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो वहां हनुमान पूजे जाएंगे न कि टीपू सुल्तान। योगी आदित्यनाथ के इस वक्तव्य से मुस्लिम समाज के लोग भड़के हुए हैं। कर्नाटक विधानसभा चुनाव का आग़ाज़ यदि इस अंदाज में हो रहा है तो अंजाम क्या होगा, इसकी भी कल्पना की जा सकती है।

अगले साल यानी वर्ष 2018 में वैसे तो सात राज्यों में चुनाव हैं, परन्तु जिन चार राज्यों में पहले चुनाव होने हैं, उनमें कर्नाटक सबसे बड़ा राज्य है। वहां पर वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है। इससे पहले वहां पर भाजपा की सरकार थी। यदुरप्पा के भ्रष्टाचार में फंस जाने के कारण भाजपा ने उससे किनारा कर लिया था। इस कारण वर्ष 2013 के चुनाव में यदुरप्पा और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़े थे। दोनों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से वहां कांग्रेस की सरकार बन गई थी। वर्ष 2013 के चुनाव में हार केबाद भाजपा और यदुरप्पा फिर से एक हो गए हैं। 

यदुरप्पा के पार्टी में लौट आने से भाजपा के लिए कर्नाटक जीतना आसान हो गया है। गुजरात चुनाव खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक जीतने की रणनीति पर काम करने लगे हैं। इसी रणनीति के तहत वहां पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शुक्रवार को जनसभा हुई है। इस जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने जो भाषण दिया है, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कर्नाटक जीतने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ेगी। योगी आदित्यनाथ को चुनावी समर में उतारकर भाजपा ने यह जता दिया है कि इस चुनावी समर का अंजाम कैसा होगा? योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली जनसभा में टीपू सुल्तान की जयंति मनाने वालों का विरोध किया तथा हनुमान की पूजा करने का आह्वान करते हुए स्पष्ट कर दिया कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनने पर टीपू सुल्तान 

की जयंति नहीं मनाई जाएगी। योगी आदित्यनाथ के इस रुख से मुस्लिमों में नाराजगी है। वे अपने तरीके से इसका विरोध कर रहे हैं। कर्नाटक चुनाव में क्या-क्या होगा, तरकश से किस तरह के हथियार निकलेंगे, योगी आदित्यनाथ ने इसके संकेत दे दिए हैं।