नई दिल्ली.सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) के रिजल्ट पर सस्पेंस बरकरार है। अफसरों के साथ मीटिंग के बाद एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ”सीबीएसई जल्द ही नतीजों की तारीख का एलान करेगी। फिक्र करने की जरूरत नहीं है, किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।” बोर्ड के मॉडरेशन पॉलिसी वापस लेने के फैसले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इसके बाद बुधवार को 12th क्लास के नतीजे नहीं आ सके। 10th का रिजल्ट मई के आखिर या जून की शुरुआत में आएगा। बता दें कि देशभर के करीब 11 लाख स्टूडेंट्स इस बार सीनियर सेकंडरी एग्जाम में शामिल हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट जा सकता है बोर्ड…

– सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है। बुधवार को मीटिंग में कहा गया कि कोई भी कदम कानूनी राय के बाद ही उठाया जाएगा।

– मॉडरेशन पॉलिसी जारी रहेगी या नहीं, यह पूछने पर जावड़ेकर ने कहा, ”फैसला सीबीएसई को लेना है। ग्रेस मार्क्स दिए जा सकते हैं, पर अनाप-शनाप नंबर बढ़ाना मंजूर नहीं।”

– सीबीएसई चेयरमैन आरके चतुर्वेदी ने कहा, ”हाईकोर्ट के फैसले की स्टडी कर रहे हैं। कोशिश यही है कि रिजल्ट लेट न हो।” बता दें कि सीबीएसई के साथ 32 अन्य बोर्ड भी पिछले महीने मॉडरेशन पॉलिसी खत्म कर चुके हैं।
– बुधवार को 12th के नतीजे जारी होने की चर्चाओं के बीच स्टूडेंट काफी बेचैन रहे। रिजल्ट देखने के लिए वह बार-बार बोर्ड की वेबसाइट खोलकर देखते रहे थे।
ग्रेस मार्क्स पॉलिसी पर कोर्ट ने क्या कहा
– हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि सीबीएसई इस बार 10th और 12th परीक्षा के रिजल्ट में ग्रेस पॉलिसी को जारी रखें, क्योंकि स्टूडेंट्स के परीक्षा फार्म भरते वक्त यह पॉलिसी जारी थी। बोर्ड के मॉडरेशन पॉलिसी वापस लेने के खिलाफ फाइल की गई एक पीआईएल पर सुनवाई हो रही थी। कोर्ट ने कहा, ”खेल शुरू होने के बाद रूल नहीं बदले जा सकते हैं। जिन बच्चों ने आधी रात तक जाग कर तैयारी की, उन्हें पता होना चाहिए कि बोर्ड का सिस्टम कैसे काम कर रहा है।”
– ”बोर्ड इस साल पॉलिसी वापस नहीं ले सकता है। ऐसा कर आप बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी नहीं कर सकते हैं। पॉलिसी चेंज करने से अगर कोई स्टूडेंट विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला पाने से चूक गया तो ये उसके लिए तबाही से कम नहीं होगा। जिन बच्चों ने परीक्षा दी है, उन्हें परेशानियों में मत डालो।”
– बता दें कि मॉडरेशन पॉलिसी के जरिए परीक्षा में पूछे गए कठिन सवालों और पेपर में कोई गड़बड़ी सामने आने पर स्टूडेंट्स को 15% ग्रेस मार्क्स दिए जाते हैं।

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