स्पोर्ट्स . आईपीएल-10 के फाइनल मैच में मुंबई इंडियन्स टीम के सीनियर प्लेयर हरभजन सिंह को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। टीम से बाहर बैठे हरभजन ने इस पर कहा कि ये काफी फ्रस्टेटिंग था कि आप बाहर बैठकर टीम का मैच देख रहे थे। मुझे फाइनल मैच के लिए टीम में शामिल किया जाना चाहिए था। बता दें कि मुंबई ने फाइनल से पहले क्वालिफायर-1 और एलिमिनेटर मैच में भी भज्जी को 11 खिलाड़ियों की टीम में जगह नहीं मिली थी। क्या फैमिली के कारण हुआ ऐसा….

– हरभजन सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘पिछले साल तक मैं मैनेजमेंट का हिस्सा था, जो प्लेइंग इलेवन का चयन करते थे, लेकिन इस बार मुझे अपनी फैमिली के साथ वक्त बिताना था। हालांकि, मैं प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किए जाने को लेकर रोऊंगा नहीं। मैं भी टीम का हिस्सा हूं।’ बता दें कि 47 दिन तक चले आईपीएल-10 के दौरान हरभजन सिंह की वाइफ गीता बसरा और बेटी हिनाया उनके साथ ही थीं। शादी के बाद (अक्टूबर, 2015) ये पहला मौका था जब गीता आईपीएल में भज्जी के साथ रहीं।
– भज्जी ने टीम में नहीं होने पर ये भी कहा कि ये मैनेजमेंट का डिसीजन था। उन्होंने कहा, ‘ये माइंडगेम था, जो पुणे टीम के राइट हैंडेड बैट्समैन के हिसाब से किया गया था। मैं कोच महेला जयवर्धने के फैसले का सम्मान करता हूं, लेकिन बाहर बैठकर टीम का मैच देखना निराशाजनक था।’
– महेला ने पुणे टीम में मौजूद ज्यादातर दाएं हाथ के बैट्समैन को लेकर मुझसे चर्चा की थी। इसीलिए वो लेग स्पिनर को टीम में लेना चाहते थे, लेकिन मैं बता दूं कि अपने करियर में हर फॉर्मेट में मैंने सबसे ज्यादा दाएं हाथ के बैट्समैन को ही आउट किया है।’
– बता दें कि आखिरी के मैचों में हरभजन की जगह स्पिनर कर्ण शर्मा को मुंबई ने प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। कर्ण ने एलिमिनेटर मैच में 4 विकेट लेकर टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।